चंद्रपुर सहकारी समिति में 43.67 लाख की खाद अनियमितता, 3850 बोरी का हिसाब गायब

हसदेव टाइम्स/जांजगीर चांपा/सक्ती/खाद के स्टॉक में बड़ा खेल! 3850 बोरी गायब, 43.67 लाख की अनियमितता उजागर

सेवा सहकारी समिति चंद्रपुर में रासायनिक खाद के भंडारण और वितरण में बड़ी वित्तीय अनियमितता सामने आई है। जांच में समिति के रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच भारी अंतर मिला है। करीब 43 लाख 67 हजार 283 रुपए मूल्य की 3850 बोरी रासायनिक खाद का हिसाब नहीं मिल पाया है। मामले में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर की शिकायत पर चंद्रपुर पुलिस ने तत्कालीन प्रभारी संस्था प्रबंधक पितांबर निषाद के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

पुलिस और विभागीय दस्तावेजों के मुताबिक यह मामला 1 अक्टूबर 2025 से 17 जून 2026 के बीच का है। इस दौरान समिति में खाद के भंडारण और वितरण की जिम्मेदारी पितांबर निषाद के पास थी। अनियमितता सामने आने के बाद उन्हें प्रशासनिक कार्रवाई के तहत पहले ही पद से हटाया जा चुका है।

पॉश मशीन और गोदाम के स्टॉक में बड़ा अंतर

खरीफ सीजन में समिति को प्राप्त खाद, उसके वितरण और शेष स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया गया। इसके लिए डभरा के सहकारिता विस्तार अधिकारी और सहकारी निरीक्षक की संयुक्त टीम गठित की गई थी। टीम ने समिति के स्टॉक रजिस्टर, डिजिटल पॉश मशीन में दर्ज आंकड़ों और गोदाम में उपलब्ध खाद का मिलान किया।

जांच के दौरान डिजिटल पॉश मशीन में दर्ज स्टॉक की तुलना में गोदाम में 3377 बोरी खाद कम मिली। वहीं पिछले वर्षों की बची हुई 473 बोरी खाद को नए सत्र के शुरुआती स्टॉक में दर्ज नहीं किया गया था। दोनों को मिलाकर कुल 3850 बोरी खाद का हिसाब नहीं मिला।

खाद कहां गई, जांच में जुटी पुलिस

जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बिलासपुर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद चंद्रपुर पुलिस ने तत्कालीन प्रभारी संस्था प्रबंधक पितांबर निषाद के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब पुलिस और संबंधित विभाग यह पता लगाने में जुटे हैं कि रिकॉर्ड में दर्ज खाद और वास्तविक स्टॉक के बीच इतना बड़ा अंतर कैसे आया और गायब खाद का क्या हुआ।अगर चाहें तो मैं इसी खबर के 5 और ज्यादा आकर्षक वेब-पोर्टल हेडिंग भी बना सकता हूं।

 

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