हसदेव टाइम्स/जांजगीर/जिले की सभी तहसीलों से जुटेंगे करीब 300 कोटवार, कचहरी चौक के पास देंगे धरना; मुख्यमंत्री के नाम सौंपेंगे ज्ञापन
जिले में पटवारियों के बाद अब कोटवारों ने भी अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का रास्ता अपना लिया है। छत्तीसगढ़ कोटवार एसोसिएशन के आह्वान पर 23 अक्टूबर को जिला मुख्यालय में कोटवारों द्वारा एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसमें जिले की सभी तहसीलों से करीब 300 कोटवार शामिल होंगे। कचहरी चौक के पास आयोजित इस प्रदर्शन के जरिए कोटवार अपनी चार सूत्रीय मांगों को लेकर आवाज बुलंद करेंगे। धरने के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग की जाएगी।
कोटवारों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण कर राजस्व विभाग में समायोजित करना, मासिक मानदेय बढ़ाकर 15 हजार रुपए करना, नियुक्तियों में पात्र कोटवार परिवारों को प्राथमिकता देना और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े प्रतिबंधों को हटाना शामिल है। कोटवारों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें पर्याप्त मानदेय और नियमित शासकीय कर्मचारियों जैसी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
महंगाई के दौर में 2250 से 3000 रुपए मानदेय पर गुजारा मुश्किल
कोटवारों को वर्तमान में नियमित वेतनमान के बजाय मानदेय दिया जाता है। यह राशि करीब 2250 से 3000 रुपए प्रतिमाह बताई गई है, जो जिले के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। बढ़ती महंगाई के बीच इतनी कम राशि में परिवार का भरण-पोषण करना उनके लिए चुनौती बन गया है। इसी को देखते हुए कोटवारों ने मासिक मानदेय बढ़ाकर 15 हजार रुपए करने की मांग उठाई है।
कोटवारों का कहना है कि नियमित शासकीय कर्मचारी का दर्जा नहीं मिलने के कारण उन्हें नियमित वेतनमान, ग्रेच्युटी और पेंशन जैसी सुविधाओं का लाभ भी नहीं मिलता। ऐसे में वे लंबे समय से नियमितीकरण और आर्थिक सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।
चार सूत्रीय मांगों पर शासन का ध्यान खींचेंगे
छत्तीसगढ़ कोटवार एसोसिएशन द्वारा उठाई जा रही मांगों में कोटवारों को नियमित कर राजस्व विभाग में समायोजित करना सबसे प्रमुख है। इसके अलावा नियुक्ति प्रक्रिया में गैर-वंशज सदस्यों की नियुक्ति पर रोक लगाने और पात्र कोटवार परिवारों को प्राथमिकता देने की मांग की जाएगी।
वहीं, ग्राम पंचायत क्षेत्र में कोटवार की नियुक्ति से संबंधित प्रतिबंध हटाने और पात्र परिवार के सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग भी आंदोलन का हिस्सा होगी। एसोसिएशन का मानना है कि इन मांगों पर निर्णय होने से कोटवार परिवारों को आर्थिक स्थिरता और भविष्य की सुरक्षा मिल सकेगी।
लंबे समय से मांगों पर पहल का इंतजार
कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के सचिव भगतराम सारथी ने बताया कि कोटवार लंबे समय से नियमितीकरण, मानदेय में वृद्धि, रिक्त पदों पर नियुक्ति और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मुद्दों पर शासन से पहल की उम्मीद कर रहे हैं। इन्हीं मांगों को लेकर 23 अक्टूबर को कचहरी चौक के पास एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की जाएगी।
कचहरी चौक के पास होगा प्रदर्शन
कोटवारों का एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कचहरी चौक के पास आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से शासन का ध्यान उनकी लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया जाएगा। कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के सचिव भगतराम सारथी के अनुसार, कोटवार लंबे समय से नियमितीकरण, मानदेय में वृद्धि, रिक्त पदों पर नियुक्ति और अनुकंपा नियुक्ति से जुड़े मुद्दों पर शासन से पहल की उम्मीद कर रहे हैं। प्रदर्शन के जरिए इन मांगों को फिर से प्रमुखता से उठाया जाएगा।






